औद्योगिक नगरी लुधियाना का कारोबार दोबारा पटरी पर लौटने लगा है। कोविड संक्रमण के दौरान जहां कर्मचारियों की मांग कम होने और इनपुट कास्ट को कम करने के लिए लुधियाना इंडस्ट्री से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बेरोजगार होना पड़ा था, लेकिन एक बार फिर लुधियाना उद्योग दोबारा पटरी पर लौटने लगा है और कर्मचारियों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कर्मचारी भविष्य निधि योजना को दिसंबर के पहले सप्ताह लांच किया गया था।

इसके तहत नए रखे जाने वाले कर्मचारियों और दोबारा नौकरी पर रखे जाने वाले कर्मचारियों का दो साल तक का पीएफ का पैसा सरकार की ओर से दिए जाने की घोषणा के बाद इंडस्ट्री में अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं और डेढ़ महीने में लुधियाना में 32 हजार से अधिक नौकरियों पर दोबारा कर्मचारी लौट आए हैं। इसे विभाग की ओर से इस दौरान खोले गए 32 हजार नए यूएएन कोड पुुख्ता कर रहे हैं। वहीं इंडस्ट्री का भी कहना है कि मांग में तेजी से इजाफा हुआ है और इसके लिए कुशल कारीगरों की आवश्यकता है।

बढ़ रहे पीएफ खाते अच्छे संकेत
लुधियाना पीएफ कमिश्नर धीरज गुप्ता के मुताबिक कर्मचारियों के लिहाज से लुधियाना में अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं। दिसंबर 2020 से लेकर फरवरी 2021 के पहले सप्ताह तक के आंकड़ों में 526 कंपनियों की ओर से दोबारा पीएफ देना शुरू कर दिया गया है। 31 हजार 469 नए कर्मचारियों के खाते एक दिसंबर से अब तक लुधियाना में खोले गए हैं। इसके साथ ही 64 नई कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन करवाई है। इससे साबित होता है कि लुधियाना की इकनामी तेजी से पटरी पर लौट रही है।

किसान आंदोलन खत्म हो तो दौड़ेगा पंजाब का व्यापार
यूनाइटेड साइकिल एवं पार्टस मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान डीएस चावला के मुताबिक सरकार को किसानों के साथ वार्ता कर शीघ्र इस समस्या का समाधान करना चाहिए। इस समय इंडस्ट्री में मांग तेजी से अग्रसर हो रही है। किसान आंदोलन समाप्त होने से कच्चा माल समय पर आने के साथ साथ डिस्पैचिंग की समस्या हल होगी और इंडस्ट्री की रफ्तार तेज हो जाएगी। निटवियर क्लब के प्रधान दर्शन डावर के मुताबिक यह समय भारतीय इंडस्ट्री का है। केवल अंदरूनी समस्याएं खत्म हो जाएं, तो इंटरनेशनल मार्केट से भी पंजाब के लिए आपार संभावनाएं हैं।