पंजाब सरकार की ओर से वीरवार से पांचवीं से बारहवीं कक्षा तक स्कूल खोलने के फैसले के बाद स्कूलों में पहले दिन कम रौनक देखने को मिली। प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो शहर के प्राइवेट स्कूलों में सामान्य दिनों की तरह कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं लगी, जबकि इन स्कूलों ने पांचवीं से आठवीं कक्षा तक के किसी भी विद्यार्थी को स्कूल नहीं बुलाया। सरकारी स्कूलों में वीरवार और शुक्रवार दो दिनों तक पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) जारी रहनी है।

इसके चलते पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थी स्कूलों में अभिभावकों के साथ ही पहुंचे और साथ ही चले गए। पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग होने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में पांचवीं से आठवीं कक्षा तक के कई विद्यार्थी भी स्कूल पहुंचे, जिन्होंने दोपहर तीन बजे तक कक्षाएं लगाई। सरकारी स्कूलों में कक्षाएं लगाने वाले बच्चों की उपस्थिति दस फीसद ही रही। दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में पीटीएम में आने वाले अभिभावक असमंजस में दिखे। कुछ अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए राजी दिखे तो कुछ ने कहा कि वह अभी भी रिस्क नहीं उठाना चाहेंगे।

अभी कुछ दिन स्कूलों में सुरक्षा का माहौल देखेंगे, उसके बाद सोचेंगे। सरकारी स्कूलों में पीटीएम के दौरान जो भी अभिभावक आते गए, स्कूल की तरफ से उन्हें स्वीकृति पत्र दिया गया कि वह बच्चों को कोविड-19 के नियमों की पालना कर स्कूल भेज रहे हैं। अभिभावकों को यह पत्र भरकर स्कूल देने की बात कही गई है। स्कूलों ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले दिन तो स्कूलों में पीटीएम भी रही और बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। स्वीकृति पत्र आने के बाद यदि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ी तो बच्चों के बैठने की व्यवस्था उसी अनुसार की जाएगी।

मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिलेगी बच्चों को एंट्री
स्कूल खुलने के पहले दिन जितने भी विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे, भले ही वह पीटीएम के लिए अभिभावकों के साथ आए या रेगुलर कक्षाओं के लिए। स्कूल गेट पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई और उनके हाथ सैनिटाइज कराए गए। स्कूल के एक बैंच पर एक बच्चा बैठा और मास्क लगाना अनिवार्य रहा।

एलएसएससी रविवार लेगा फैसला
लुधियाना सहोदय स्कूल कांप्लेक्स (एलएसएससी) जिसमें सीबीएसई के चालीस स्कूल आते हैं, ने इस रविवार पांचवीं से आठवीं कक्षा तक स्कूल खोले जाने संबंधी फैसला लेना है। एलएसएससी के डायरेक्टर डीपी गुलेरिया ने कहा कि नौवीं से बारहवीं कक्षा तक आनलाइन व आफलाइन दोनों तरह ही पढ़ाई जारी रहेगी लेकिन पांचवीं से आठवीं कक्षा तक बच्चों के लिए ट्रांसपोटेशन, बैठने की व्यवस्था, टाइम टेबल आदि चीजों को देखना है। मीटिंग के बाद ही स्कूल खोले जाने संबंधी फैसला लिया जाएगा।